भक्षक बना रक्षक, रंग लाई एक शिकारी की मेहनत
अपनी लालच और जरूरतों के लिए हम पशु पक्षियों को भी नुकसान पहुंचाने से बाज़ नहीं आते। कुछ प्रजातियां बदलते मौसम के चलते ख़त्म हो गईं तो कुछ शिकार की भेंट चढ़ रही हैं। ऐसे में राजस्थान के एक शख्स की कोशिशें एक मिसाल हैं। वो खुद कभी सारस का शिकारी था लेकिन आज अपने पिता के साथ मिलकर उन्हें बचाने की कोशिश में जुटा है।
दहेज एक अभिशाप, हर रोज हो रहीं महिलाएं शिकार
सिटीज़न जर्नलिस्ट आरती के पिता किरण पाल ने आईबीएन7 से मदद की अपील की।
जंगल बचाने के लिए किशन भाई की मुहिम
शंकर भाई लोगों को बताया कि किस तरह उन्होंने अपने जंगलों को बर्बादी से बचाया।
भगवान पर चढ़ाए फूलों से बना होली का रंग
मधुमिता पुरी उन बच्चों के लिए काम करती हैं जो शारीरिक रूप से अक्षम है।
कोयले की खदानों में जान गंवाते मजदूर
वासन्ती लोगों का ध्यान आसनसोल में चल रही कोयले की अवैध खदानों की तरफ ले जाना चाहती हैं।
...सिर्फ 10 रुपए महीना वेतन है इनका
मोहन लाल शर्मा पिछले 7-8 साल से महिलाओं की आवाज अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
स्कूल फीस: सिटीज़न ज़र्नलिस्ट की मुहिम का असर
कई अभिभावकों ने हमारी वेबसाइट ibnkhabar.com पर अपनी राय लिखी।

जो आप कर सकते हैं
आपका संघर्ष
अगर आप भ्रष्टाचार व प्रशासनिक ढीलेपन के खिलाफ लड़ रहे हैं तो आईबीएन-7 आपकी मदद करेगा।
अपना शहर बचाएं
स्थानीय लोग अगर सड़कों, शराब की दुकानों से परेशान हैं तो आईबीएन-7 उनकी समस्याएं उठाएगा।
युवाओं की आवाज
देश के युवाओं को आगे आकर अपने मुद्दों पर संघर्ष करने के लिए आमंत्रण।
हरियाली के रक्षक
हरियाली बढ़ाने के लिए किए गए एक छोटे से प्रयास से आप ग्रीन सीजे बन सकते हैं।





























